लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों की महापंचायत, सम्मानजनक मानदेय की उठी मांग
लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों की महापंचायत, सम्मानजनक मानदेय की उठी मांग
संपादक विमलेश कुमार
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायतों में चयनित कई पंचायत सहायक अपने-अपने क्षेत्र के मेधावी और योग्य युवा रहे हैं। संविदा पर नियुक्ति के बाद भी वे पंचायतों में अभिलेखों का रखरखाव, ऑनलाइन कार्य, सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज़, प्रमाणपत्रों का कार्य तथा अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
पंचायत सहायकों ने मांग की कि उनका मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक किया जाए तथा उन्हें ऐसी व्यवस्था मिले जिससे वे बैंक से ऋण जैसी वित्तीय सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकें। उनका कहना है कि वर्तमान मानदेय पर न तो परिवार का भरण-पोषण संभव है और न ही भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो पाती है।
महापंचायत में मौजूद पंचायत सहायकों ने कहा कि उन्हें मिलने वाला मानदेय कई स्थानों पर एक सामान्य दैनिक मजदूरी से भी कम पड़ जाता है, जबकि उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पंचायत सहायकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
महापंचायत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जहां पंचायत सहायकों ने एक स्वर में सम्मानजनक मानदेय, बेहतर सेवा शर्तों और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई।


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